Report By: Sachin Gupta
The News Camp, लखनऊ: NIC के नए सॉफ्टवेयर की खामियों में फंसे वाहन मालिक, आरटीओ घेराव की चेतावनीपरिवहन विभाग को हाईटेक बनाने के लिए लागू एनआईसी (NIC) का नया सॉफ्टवेयर वाहन स्वामियों और चालकों के लिए मुसीबत बन गया है। सिस्टम की तकनीकी खामियों और RTO दफ्तर की अव्यवस्थाओं के खिलाफ लखनऊ ऑटो ओनर्स-चालक वेलफेयर एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने RTO प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था सुधारने की मांग की है और समस्या हल न होने पर RTO दफ्तर के घेराव व धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
मुख्य समस्याएं व शिकायतें:
ऑनलाइन सिस्टम के बाद भी मूल फाइल की मांग: सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड होने के बावजूद कर्मचारी ‘मूल फाइल’ मांगकर काम अटकाते हैं, जिससे घूसखोरी को बढ़ावा मिल रहा है।
एक काम के लिए 3-3 रसीदें: ट्रांसफर और लोन चढ़ाने के लिए वाहन मालिक को तीन अलग-अलग रसीदें कटवानी पड़ रही हैं, जबकि राजस्व एक ही बार का है।
पुलिस वेरिफिकेशन की अड़चन: ट्रांसफर के समय पुलिस वेरिफिकेशन अपलोड करने पर भी सॉफ्टवेयर उसे स्वीकार नहीं कर रहा है।रोज-रोज के बदलाव: आए दिन तकनीकी बदलावों के कारण NOC, ओनरशिप ट्रांसफर और लोन हाइपोथिकेशन (चढ़ाने/काटने) का काम ठप पड़ा है।
“वाहन ट्रांसफर की मंजूरी में 10 से 15 दिन लग रहे हैं। हमारी मांग है कि ट्रांसफर और निरस्तीकरण की समय-सीमा तय की जाए और लापरवाही बरतने वाले अफसरों की सीधी जवाबदेही तय हो।”— किशोर वर्मा ‘पहलवान’, अध्यक्ष, लखनऊ ऑटो ओनर्स-चालक वेलफेयर एसोसिएशन
“अगर हमारी मांगों पर फौरन एक्शन नहीं हुआ, तो एसोसिएशन उच्च अधिकारियों का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”— नौशाद अली, कार्यवाहक अध्यक्ष, लखनऊ ऑटो ओनर्स-चालक वेलफेयर एसोसिएशन