The News Camp, मऊ 31 August 2026: “डीएम अंकल, प्लीज मेरे घर की सड़क बनवा दीजिए। रास्ते में कीचड़ और गड्ढे होने की वजह से मैं कई बार गिर जाती हूं और स्कूल जाने में बहुत परेशानी होती है।” यह मार्मिक गुहार मऊ के हकीकतपुर मोहल्ले (वार्ड संख्या-17) में रहने वाली 7 साल की समरा नाज की है। कक्षा एक में पढ़ने वाली मासूम ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अपने घर से मुख्य सड़क तक जाने वाले कच्चे रास्ते को बनवाने की मांग की है। मासूम की इस शिकायत ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

25 मीटर कच्चा रास्ता बना आफत
हकीकतपुर निवासी इस्तेयाक शाह की बेटी समरा नाज रोजाना स्कूल जाने के लिए जिस रास्ते का इस्तेमाल करती है, वह करीब 25 मीटर लंबा कच्चा रास्ता है। सड़क तक पहुंचने वाले इस छोटे से टुकड़े पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं और हल्का सा पानी गिरते ही यहां कीचड़ जमा हो जाता है। केवल स्कूली बच्चे ही नहीं, बल्कि आसपास के लोगों के लिए भी इस रास्ते से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है।

कई बार शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
बच्ची के परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि वे रास्ते के निर्माण को लेकर नगर पालिका के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। कई बार लिखित आवेदन देने के बावजूद जिम्मेदारों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। आलम यह है कि बारिश के दिनों में स्थिति और भी ज्यादा भयावह हो जाती है और आए दिन बच्चे व बुजुर्ग कीचड़ में फिसलकर गिर जाते हैं।

प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
एक तरफ जहां बुनियादी ढांचे को बेहतर करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ 7 साल की स्कूली छात्रा को सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए सीधे जिलाधिकारी के पास गुहार लगानी पड़ रही है। मासूम समरा नाज ने डीएम से मामले का तुरंत संज्ञान लेने और उसके घर से मुख्य सड़क तक का रास्ता पक्का कराने की अपील की है।