Home Uncategorizedकानपुर RTO Office: 2 ARTO सस्पेंड, RTO को नोटिस और 15 पर FIR के आदेश

कानपुर RTO Office: 2 ARTO सस्पेंड, RTO को नोटिस और 15 पर FIR के आदेश

by News Camp

The News Camp लखनऊ:

कानपुर नगर RTO कार्यालय में फल-फूल रहे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर राज्य सरकार ने कड़ा चाबुक चलाया है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देश पर शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 ARTO अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, RTO को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा 2 लिपिकों (बाबुओं) समेत 15 लोगों पर FIR दर्ज कराने के साथ सतर्कता (Vigilance) जांच बिठा दी गई है।

किस पर गिरी गाज:

निलंबित अधिकारी: ARTO (प्रवर्तन) तृतीय दल सोमलता यादव और ARTO (प्रशासन) आलोक कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।

RTO को नोटिस: RTO (प्रशासन) राकेन्द्र सिंह को शिथिल पर्यवेक्षण और अवहेलना के मामले में 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश मिला है।

बाबू सस्पेंड व FIR: आरटीओ कार्यालय के दो लिपिकों—मधुर मिश्रा और विपिन कुमार को निलंबित कर 27 अगस्त को ही काकादेव थाने में FIR दर्ज कराई गई है।

डीएम की औचक छापेमारी में खुला खेल

शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी कानपुर नगर ने अपर पुलिस उपायुक्त, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और SDM की संयुक्त टीम से RTO कार्यालय का औचक निरीक्षण करवाया था।

दलालों का कब्जा: निरीक्षण के दौरान 50 से अधिक लोगों से पूछताछ में 11 संदिग्ध दलाल पकड़े गए, जो ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे। इनके पास से ₹43,485 कैश बरामद हुआ।

घपले का सबूत: एक ट्रक (UP 91 AT 4251) के चालक ने खुलासा किया कि उससे ₹26,750 लिए गए, लेकिन रसीद महज ₹21,750 की दी गई। कैश मिलान में भी भारी अंतर पाया गया।

धोखाधड़ी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने साफ कहा कि परिवहन विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी या काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निलंबित अधिकारियों के खिलाफ जांच के लिए उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) वाराणसी को जांच अधिकारी नामित किया गया है, जबकि बाबुओं के खिलाफ खुली सतर्कता जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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