Report By: Sachin Gupta
The News Camp, लखनऊ। यूपी परिवहन विभाग में लागू हुई फेसलेस व्यवस्था ने सरकार को लाखों रूपये का चूना कुछ ही दिनों में लगा दिया है। आलम यह है कि जिन गाड़ियों के टैक्स बकाया हैं, प्रदूषण फेल हैं और चालान बाकी हैं, उनको भी धड़ल्ले से बिना जांच पड़ताल के फेसलेस अप्रूवल मिल गया है। इसकी वजह से ना सिर्फ सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि गाड़ी खरीदने के बाद नया वाहन स्वामी मुश्किलों में फंस जा रहे हैं। परिवहन विभाग की सेवाएं फेसलेस कर दी गईं हैं। इसके तहत अब गाड़ी के ट्रांसफर से लेकर अन्य सेवाएं बिना आरटीओ अधिकारियों के हस्तक्षेप के पूरी हो रहीं हैं। फॉर्म ऑनलाइन भरने के बाद गाड़ी के ट्रांसफर समेत सभी सेवाएं फेसलेस अप्रूव भी हो रहीं हैं। यानी अब इन मामलों में आरटीओ के अधिकारी दस्तावेजों की जांच नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से इसमें कई खामियां सामने आईं हैं। आधार प्रमाणीकरण के तहत एनओसी की ऑटो अप्रूवल व्यवस्था लागू होने के बाद आरटीओ के सामने कई प्रकरण सामने आए हैं। जिसमें व्यावहारिक और तकनीकी कमियां सामने आईं हैं।
इन वाहनों पर चालान, फिर भी एनओसी ऑटो अप्रूव
ट्रांसपोर्टनगर स्थित आरटीओ ऑफिस में दर्ज UP32JQ7374, UP32FR2626, UP32GY8037, UP32JX9988, UP65BZ9122, UP32KM9524, UP32KX8959, UP32GE5911, UP32LR4333, UP32KA6565, UP32QE3862, UP32XN2497, UP32KB9803, UP32JM9253, UP32FZ4834, UP32PB7459 इन वाहनों की आधार प्रमाणीकरण के तहत एनओसी की ऑटो अप्रूवल हो गई है। जांच में सामने आया कि इन वाहनों पर वाहन पोर्टल पर चालान प्रदर्शित हो रहे हैं। अब एनओसी जारी होने से इसकी वसूली और आगामी कार्रवाई में मुश्किलें आएंगी।
अधूरे प्रपत्र फिर भी वाहनों की एनओसी ऑटो अप्रूव
वाहन UP32LN0507, UP32KJ9822, UP32JM1893, UP32JM8821, UP32JC2777, UP32E1891, UP32NN4313, UP32RC9221 के आधार प्रमाणीकरण के तहत एनओसी की ऑटो अप्रूवल हो गई है। जबकि, नियम के अनुसार पंजीकृत वाहन स्वामी अपने पूर्ण हस्ताक्षर या अंगूठा निशान लगाएंगे। फॉर्म-28 पर वाहन की चेसिस पेंसिल चिन्ह होना चाहिए। अधिकारियों की जांच में सामने आया है कि इन वाहनों पर जो प्रपत्र अपलोड किये गये हैं, वह सादा है। वाहन पोर्टल पर इन वाहनों के अपूर्ण प्रपत्रों, बिना वाहन स्वामी के हस्ताक्षर, वाहन की चेसिस पेंसिल चिन्ह न होने के बावजूद भी उक्त वाहनों की एनओसी ऑटो अप्रूवल हो गई है।
ये खामियां भीं
ये मामले अभी कुछ ही दिनों के पकड़े गए हैं। जांच में सामने आया है कि कई ऐसे वाहन हैं, जिनकी फिटनेस नहीं, बीमा नहीं है, पॉल्यूशन नहीं है, उनको भी ऑटो अप्रूव कर दिया गया है। मामला संज्ञान में आने के बाद अधिकारी हैरत में हैं। हालांकि ये मामले अभी लखनऊ के ही आए हैं। अधिकारी अब प्रदेश स्तर पर जांच में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि हजारों गाड़ियों में इस तरह के प्रकरण सामने आ सकते हैं।
एमपी को 24 करोड़ की चपत
फेसलेस ऑटो अप्रूवल में गड़बड़ियों का एक मामला मध्य प्रदेश से सामने आया है। वहां पर एक जनवरी से नौ सितंबर तक की जांच में सामने आया कि हजारों मामले इस तरह से ऑटो अप्रूव हुए हैं। जब जांच की गई तो 24 करोड़ 20 हजार 260 रूपये राजस्व वसूला गया। अभी इसकी जांच की जा रही है। वहां के अधिकारियों ने फेसलेस ऑटो अप्रूवल को मैनुअल किये जाने की मांग मॉर्थ से की है। उनका कहना है कि आवेदन भले फेसलेस हो, लेकिन दस्तावेजों की जांच के बाद ही अप्रूवल किया जाना चाहिए। अन्यथा इससे बड़ा नुकसान पहुंचेगा।