Home राज्यचलते-फिरते मौत के रथों पर क्यों मेहरबान हैं लखनऊ RTO, दफ्तर के पास सजी है मंडी, क्यों नहीं होती जांच?

चलते-फिरते मौत के रथों पर क्यों मेहरबान हैं लखनऊ RTO, दफ्तर के पास सजी है मंडी, क्यों नहीं होती जांच?

by News Camp

Report By: Sachin Gupta

The News Camp, लखनऊ: नोएडा में चलती एसी बस में आग लगने और 9 लोगों की दर्दनाक मौत के हादसे के बाद एक बार फिर प्राइवेट टूरिस्ट बसों में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाए जाने का मामला गरमा गया है। लखनऊ में आरटीओ (RTO) कार्यालय से महज 800 मीटर की दूरी पर स्थित ट्रांसपोर्टनगर पार्किंग नंबर-7 समेत कई जगहों से बिना तकनीकी अप्रूवल और नियमों के विरुद्ध दर्जनों प्राइवेट एसी बसें खुलेआम दौड़ रही हैं।

The News Camp के रिपोर्टर सचिन गुप्ता की पड़ताल में सामने आया है कि इन बसों में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी गेट) ब्लॉक कर अतिरिक्त सीटें लगा दी गई हैं। कई बसों में अवैध रूप से अतिरिक्त ईंधन टैंक और मनमानी लाइटें लगाई गई हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का भारी खतरा बना हुआ है।

फिटनेस में बड़ा ‘खेल’ और रसूखदारों का सिंडिकेट

पड़ताल के अनुसार, इन बसों के रजिस्ट्रेशन, फिटनेस और संचालन का ताना-बाना अलग-अलग राज्यों से जुड़ा है। मध्य प्रदेश, बिहार या अरुणाचल प्रदेश से रजिस्टर्ड इन बसों को दूसरे राज्यों से फिटनेस प्रमाण पत्र (ATS) जारी हो रहे हैं। यूपी के बिजनौर जिले में भी बिना गाड़ियों के ATS केंद्र पहुंचे ही 10,000 से अधिक वाहनों के फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का बड़ा घोटाला सामने आ चुका है।

आखिर MVI को फील्ड में क्यों नहीं उतारा जा रहा?

मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) की जांच में जब इन 12 से ज्यादा प्राइवेट बसों में सीटें बढ़ाने, इमरजेंसी विंडो लॉक होने और बॉडी मॉडिफिकेशन जैसी गंभीर खामियां सामने आईं, तो उसके बाद डग्गामारों के सिंडिकेट के दबाव में जांच अभियान को ही रोक दिया गया। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके दबाव में परिवहन और पुलिस विभाग सख्त कार्रवाई करने से पीछे हट रहा है?

सड़क हादसों के मुख्य कारण:

  • इमरजेंसी गेट के पास अतिरिक्त सीटें लगाकर रास्ता बंद करना।
  • अतिरिक्त फ्यूल टैंक बनाना और क्षमता से अधिक सीटें जोड़ना।
  • गाड़ियों में मनमाने तरीके से अतिरिक्त लाइटें और वायरिंग करना।
  • लंबे सफर में बिना आराम के बस चलाने से चालक को नींद की झपकी आना।

कागज अधूरे, धड़ल्ले से संचालन

बस नंबर: BR02PC5232

  • इस वाहन का AITP (All India Tourist Permit) 20-Aug-2026 को ही समाप्त हो चुका है। बिना वैध ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के इस बस का अंतरराज्यीय संचालन नियमों का उल्लंघन है।
  • टैक्स 27-Sep-2026 को खत्म।

बस नंबर: UP61CT9097

  • इस वाहन का रोड टैक्स दिनांक 31-May-2026 को ही समाप्त हो चुका है। बिना टैक्स भुगतान के सड़क पर बस चलाना नियम विरुद्ध है।
  • इस वाहन के विवरण में ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (AITP) की कोई वैधता तिथि दर्ज ही नहीं है।

इन बसों में भी मिलीं खामियां:

  1. BR32PA8647
  2. MP13ZG2538
  3. AR11L1016
  4. BR28P4158
  5. BR01PT7863
  6. MP44ZD4065
  7. BR46P8046
  8. UP93DT3737
  9. UP61CT9097
  10. BR02PC5232

You may also like