The News Camp, लखनऊ: पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण और 8वें वेतन आयोग में कर्मचारी हितैषी सिफारिशों की मांग को लेकर देशभर के राज्य कर्मचारी आर-पार के संघर्ष के मूड में हैं। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने लखनऊ में प्रेस वार्ता कर ऐलान किया कि केंद्र व राज्य सरकारों की उपेक्षा के खिलाफ 12 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल ‘राष्ट्रीय कर्मचारी रैली’ का आयोजन किया जाएगा।
8वें वेतन आयोग में 3.8 फिटमेंट फैक्टर और ₹40 हजार न्यूनतम वेतन की मांग
सुभाष लांबा ने बताया कि महासंघ ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को भेजे गए ज्ञापन के आधार पर अपनी मांगें स्पष्ट कर दी हैं। प्रमुख मांगों में शामिल हैं।
अंतरिम राहत और फिटमेंट फैक्टर: बेसिक पे का 20% (न्यूनतम ₹5,000) अंतरिम राहत दी जाए और 3.8 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाए।
वेतन संशोधन और इंक्रीमेंट: हर 10 साल के बजाय प्रत्येक 5 साल में वेतन पुनरीक्षण हो और इंक्रीमेंट की दर 5% की जाए।
ग्रुप-डी का वेतन व HRA: ग्रुप-डी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन ₹40,000 तय हो और आबादी के आधार पर 30% से 40% एचआरए (HRA) दिया जाए।
शिक्षकों से TET की अनिवार्यता हटाने और बकाया DA जारी करने पर जोर
TET की अनिवार्यता रद्द हो: लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी की बाध्यता समाप्त की जाए, सरकारी स्कूलों को बंद करने का फैसला वापस लिया जाए और शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य न कराए जाएं।
बकाया DA व लेबर कोड: 18% बकाया डीए/डीआर का तत्काल भुगतान किया जाए, चारों नए लेबर कोड, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और संविधान के अनुच्छेद 311(2)(A, B, C) की मारक धाराओं को वापस लिया जाए।
निजीकरण पर रोक: सरकारी पदों पर स्थायी भर्ती कर युवाओं को रोजगार दिया जाए और निजीकरण की नीति पर रोक लगे।
उत्तर प्रदेश से जुटेंगे 20 हजार से अधिक कर्मचारी
रैली की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ और उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विस एसोसिएशन के नवनिर्वाचित प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने बताया कि 12 दिसंबर की दिल्ली रैली में यूपी से 20,000 से अधिक कर्मचारी और शिक्षक भाग लेंगे, जिसके लिए जिलेवार कोटा तय कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी आउटसोर्स कॉर्पोरेशन के गठन से कर्मचारियों के स्थायित्व का रास्ता साफ होता नहीं दिख रहा है।
अक्टूबर-नवंबर में देशभर में चलेगा व्यापक जनसंपर्क अभियान
- सितंबर: सभी राज्यों में राज्य कमेटियों की बैठकों के जरिए तैयारियों को अंतिम रूप देना।
- अक्टूबर: जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन, प्रेस कॉन्फ्रेंस और 15 अक्टूबर तक सभी कार्यालयों व स्कूलों में पोस्टर, बैनर व प्रचार सामग्री का वितरण।
- नवंबर: सभी विभागों में गेट मीटिंग, कर्मचारी संपर्क अभियान और लामबंदी।
- बैठक में यह सभी प्रांतीय व राष्ट्रीय पदाधिकारी रहे मौजूद:
सुभाष लांबा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ)
एस पी सिंह (संरक्षक, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ)
त्रिवेणी प्रसाद खरवार (संरक्षक, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ)
कमल अग्रवाल (प्रांतीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ)
अशोक सिंह (महामंत्री, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ)
राम भजन मौर्य (कोषाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ)
अफीफ सिद्दीकी (सह कोषाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ)
डा० अशोक त्रिपाठी (प्रांतीय पदाधिकारी)
मिलिंद सक्सेना (प्रांतीय पदाधिकारी)
राम यादव (प्रांतीय पदाधिकारी)
लाखन सिंह (प्रांतीय पदाधिकारी)
परमेश्वर सिंह (प्रांतीय पदाधिकारी)
प्रतीक गुप्ता (प्रांतीय महामंत्री, उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विस एसोसिएशन)
संजीव गुप्ता (वित्त सचिव, उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विस एसोसिएशन)
जे पी पाण्डे (प्रांतीय महामंत्री, उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन)
अश्विनी श्रीवास्तव (प्रांतीय पदाधिकारी)