The News Camp, लखनऊ (19 August 2026): उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा आम चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने अपना जनाधार बढ़ाने के लिए जमीनी रणनीति को तेज कर दिया है। पार्टी उम्मीदवारों के चयन और उनके नामों की घोषणा विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलनों में करने की प्रक्रिया लगातार जारी है। बीएसपी की इस सक्रियता और सर्वसमाज को जोड़ने की मुहिम से विपक्षी दलों में खलबली का माहौल है।
सतीश चंद्र मिश्रा को मिला नया प्रभार
पार्टी संगठन को मजबूती देने और आगामी चुनाव में अहम भूमिका निभाने के उद्देश्य से बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी के लंबे समय से राष्ट्रीय महासचिव रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चंद्र मिश्रा अब लीगल और मीडिया प्रबंधन के साथ-साथ चुनाव आयोग से संबंधित सभी कार्यों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे।
2007 के ‘सोशल इंजीनियरिंग’ फॉर्मूले पर जोर
वर्ष 2007 की तर्ज पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ बीएसपी सर्वसमाज, विशेषकर ब्राह्मण समाज को पार्टी से जोड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सतीश चंद्र मिश्रा को मुख्य जिम्मेदारी दिए जाने के बाद से ही विपक्षी दलों, खासकर सत्ताधारी भाजपा और अन्य प्रतिद्वंद्वियों में चर्चाओं और चिंताओं का दौर शुरू हो गया है।
कार्यकर्ताओं को सजग रहने की सलाह
बीएसपी मुखिया ने ने अपने कार्यकर्ताओं और ‘बहुजन समाज’ के समर्थकों को विपक्षी पार्टियों के हथकंडों से सतर्क व सजग रहने की अपील की है। मायावती का मानना है कि जैसे-जैसे बीएसपी का जनाधार बढ़ रहा है, विरोधी दलों में अनवरत बदलाव और रणनीतिक हलचल होना स्वाभाविक है।