Home अंतर्राष्ट्रीयTrackShift Innovation Challenge 2026: बक्सर के लाल प्रतीक राय का कमाल, टीम ‘सिनैप्स’ बनी उपविजेता

TrackShift Innovation Challenge 2026: बक्सर के लाल प्रतीक राय का कमाल, टीम ‘सिनैप्स’ बनी उपविजेता

जीता 50 हजार का इनाम और यूके जाने का मौका

by News Camp

The News Camp, मोहाली/बक्सर: पंजाब के मोहाली स्थित प्लाक्षा विश्वविद्यालय (Plaksha University) में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की ‘ट्रैकशिफ्ट इनोवेशन चैलेंज 2026’ में बिहार के बक्सर के लाल प्रतीक राय ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। वाईसीसीई (YCCE) नागपुर की टीम ‘सिनैप्स’ (Synapse) की ओर से हिस्सा लेते हुए प्रतीक और उनकी टीम ने देशभर से आए हजारों छात्रों को पछाड़कर दूसरा स्थान (उपविजेता) हासिल किया है। इस शानदार प्रदर्शन के लिए टीम को 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

3600 प्रतिभागियों की कड़ी टक्कर में बनाई जगह

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से करीब 3600 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया था। बहुस्तरीय कठिन चरणों की परीक्षा के बाद महज 80 टीमों को फाइनल राउंड के लिए चुना गया। दिशत घुगे के नेतृत्व में टीम ‘सिनैप्स’ के सदस्य प्रतीक राय और उनके साथियों ने टेक्नोलॉजी व मोटरस्पोर्ट्स इंजीनियरिंग से जुड़े अपने अभिनव और क्रांतिकारी विचार प्रस्तुत किए, जिसे जजों ने खूब सराहा।

प्रतियोगिता और पुरस्कार की मुख्य बातें:

  • आयोजक संस्थाएं: प्रतियोगिता का आयोजन दिग्गज टीजीआर हास एफ1 (TGR Haas F1) टीम, एमफैसिस (Mphasis) और हैककल्चर के संयुक्त सहयोग से किया गया।
  • कुल पुरस्कार राशि: पूरे चैलेंज के तहत कुल 1.75 लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई थी।
  • ब्रिटेन यात्रा का मौका: प्रतियोगिता के विजेताओं को ब्रिटेन के ब्रैनबेरी स्थित ‘TGR हास F1’ सुविधा केंद्र की पूरी तरह प्रायोजित (Fully Sponsored) यात्रा कराई जाएगी, जहां छात्र फॉर्मूला वन रेसिंग और एडवांस मोटरस्पोर्ट्स इंजीनियरिंग की बारीकियां सीखेंगे।

बचपन से ही मेधावी रहे हैं बक्सर के प्रतीक

प्रतीक राय मूल रूप से बक्सर के सिविल लाइन के रहने वाले हैं और वर्तमान में उनका परिवार महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रहता है। उनके पिता राजीव राय भारतीय रेलवे में अधिकारी हैं और माता बीना राय कुशल गृहिणी हैं। प्रतीक बचपन से ही पढ़ाई और तकनीकी गतिविधियों में बेहद मेधावी रहे हैं। इससे पहले भी वे 10 से अधिक राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में पहला और दूसरा स्थान हासिल कर चुके हैं। ट्रैकशिफ्ट चैलेंज में मिली इस बड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि से उनके गृह जिले बक्सर और परिवार में खुशी का माहौल है।

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