Home Healthअब सिर्फ सिर और गर्दन के इशारे से चलेगी स्मार्ट व्हीलचेयर

अब सिर्फ सिर और गर्दन के इशारे से चलेगी स्मार्ट व्हीलचेयर

by News Camp

The News Camp, कानपुर (17 August): हाथ और पैर का उपयोग करने में असमर्थ दिव्यांगजनों के लिए डॉ. आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन (AITD) ने एक खास ‘स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर’ तैयार की है। इस व्हीलचेयर को केवल सिर या गर्दन की हलचल और मोशन-कंट्रोल घड़ी की मदद से संचालित किया जा सकेगा। इसे तैयार करने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश ने साल 2024 में 5 लाख रुपये का अनुदान दिया था, जिसके बाद यह तकनीक 2 साल में विकसित हुई है। संस्थान को इस नए डिजाइन के लिए 2 पेटेंट भी मिल चुके हैं।

कंप्यूटर साइंस विभाग के मुख्य अन्वेषक डॉ. रोहित शर्मा और गणित विभाग के सह अन्वेषक डॉ. अनुज श्रीवास्तव के नेतृत्व में तैयार इस प्रणाली में हेलमेट कंट्रोल, मोशन घड़ी, सौर ऊर्जा चार्जिंग और लाइव हेल्थ मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। हेलमेट में लगे मोशन सेंसर सिर को दाहिने, बाएं या आगे-पीछे झुकाने पर डिजिटल कमांड देकर व्हीलचेयर की दिशा बदल देते हैं। इसके इस्तेमाल के लिए किसी हैंडल या बटन को दबाने की जरूरत नहीं पड़ती। कलाई की हलचल से चलाने के लिए मोशन घड़ी का भी विकल्प है।

व्हीलचेयर में 24 वोल्ट डीसी गियर रिडक्शन मोटर और 24 वोल्ट की दो बैटरियां लगाई गई हैं, जो एक बार चार्ज होने पर 5 से 7 घंटे का बैकअप देती हैं। इसे बिजली के अलावा पोर्टेबल सोलर सिस्टम से भी 2 से 3 घंटे में चार्ज किया जा सकता है। लाइव हेल्थ मॉनिटरिंग के जरिए मरीज की हृदय गति और ऑक्सीजन स्तर (SpO2) पर भी नजर रखी जा सकेगी। संस्थान की निदेशक डॉ. रचना अस्थाना का कहना है कि यह सफलता दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार और अस्पताल तक सहज पहुंच बनाकर स्वावलंबी बनाएगी।

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