The News Camp, लखनऊ (18 August): जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय (मोहन रोड) की व्यवस्थाओं के खिलाफ सोमवार को छात्राओं का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। घटिया खाना, शिक्षकों की कमी और प्रताड़ना से परेशान हॉस्टल की करीब 400 छात्राएं बारिश के बीच सुबह 7 बजे 5 किलोमीटर पैदल चलकर दुब्बगा चौराहे पहुंचीं और चक्का जाम कर दिया। जब जिलाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, तो छात्राएं मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ने लगीं। पुलिस ने बालागंज चौराहे पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोका, जिसके बाद वे वहीं धरने पर बैठ गईं।
छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल में पढ़ाने के लिए पूरे शिक्षक नहीं हैं और लैब में प्रैक्टिकल नहीं कराए जाते। 400 छात्राओं वाले इस आवासीय विद्यालय में केवल 18 शिक्षक हैं, जिनमें से 4 शिक्षक अकेले हिंदी विषय के हैं, जबकि गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे मुख्य विषयों के शिक्षकों का अकाल है। इसके अलावा छात्राओं ने शिकायत की कि शिकायत करने पर उन्हें टॉर्चर किया जाता है और स्कूल प्रशासन अपनी कमियां छिपाने के लिए दबाव बनाता है। छात्राओं ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर बदसलूकी और मारपीट का भी आरोप लगाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव दोपहर में स्कूल पहुंचे। उन्होंने करीब ढाई घंटे तक छात्राओं के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्राएं वापस लौटीं।
वहीं, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बताया कि शिक्षकों की नियुक्ति का मामला हाईकोर्ट में लंबित है और सरकार ने सकारात्मक पक्ष रखा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन कारणों से स्थिति बिगड़ी, उनकी समीक्षा की जा रही है और जांच में दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।