Home Politicsऑल इंडिया बैठक: आकाश आनंद को परिपक्व होना जरूरी, अकेले चुनाव लड़ेगी बीएसपी, मायावती का कड़ा संदेश

ऑल इंडिया बैठक: आकाश आनंद को परिपक्व होना जरूरी, अकेले चुनाव लड़ेगी बीएसपी, मायावती का कड़ा संदेश

by News Camp

The News Camp, लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले लड़ने के फैसले को दोहराया है। गुरुवार को बीएसपी के लखनऊ स्थित यूपी स्टेट कार्यालय में आयोजित आल-इण्डिया समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने संगठन की कमियों को दूर करने, हर साल के कामकाज का लेखा-जोखा रखने और अनुपालन रिपोर्ट पर पूरी ईमानदारी से अमल करने की सख्त हिदायत दी।

अकेले चुनाव लड़ने का फैसला

बैठक में मायावती ने कहा कि बीएसपी परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांतों पर चलने वाला आंदोलन है। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उसे दलित और आंबेडकर विरोधी पार्टी करार दिया। मायावती ने साफ किया कि देश की जातिवादी और जनविरोधी पार्टियों के खिलाफ बीएसपी की अपनी अलग आंबेडकरवादी पहचान है, इसलिए पार्टी ने अब पूरे देश में सभी छोटे-बड़े चुनाव अपने दम पर अकेले ही लड़ने का फैसला किया है।

आकाश आनंद पर क्या बोलीं मायावती?

आकाश आनंद की भूमिका पर मायावती ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी की तरह ही उनके लिए भी ‘शोषित वर्ग को शासक वर्ग’ बनाने का मिशनरी लक्ष्य सर्वोपरि है। कांशीराम जी ने अपने परिवार को पार्टी में सहयोग करने की छूट दी थी, लेकिन चुनाव लड़ाने या सरकार में पद देने के वे खिलाफ थे। उसी संकल्प पर कायम रहते हुए आकाश आनंद को पार्टी में काम करने की इजाजत तो दी गई है, लेकिन उन्हें अभी और अधिक परिपक्व (मैच्योर) होने की जरूरत है। विरोधियों के साम, दाम, दंड, भेद जैसे हथकंडों से चुनाव में होने वाले नुकसान से बचने के लिए फिलहाल उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा।

आरएसएस और मोहन भागवत पर साधा निशाना

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर दिए गए बयानों का संज्ञान लेते हुए बीएसपी प्रमुख ने कहा कि आरएसएस की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का भारी अंतर है। बाबा साहेब के अथक संघर्षों से एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों को मिले संवैधानिक अधिकारों व सुरक्षा के मामले में आरएसएस की विश्वसनीयता का अभाव है। उन्होंने कहा कि आरएसएस खुद बाबा साहेब के संविधान पर पूरी निष्ठा से अमल करे और अपने लोगों से भी कराए, तभी देश का विकास संभव है।

संगठन और आगामी कार्यक्रमों के निर्देश

बैठक से पहले मायावती ने सेंट्रल कैम्प कार्यालय में राज्यों के प्रभारियों के साथ बैठक की और यूपी, उत्तराखंड व पंजाब में चुनाव की घोषणा से पहले ही सांगठनिक काम पूरा करने का निर्देश दिया।

9 अक्टूबर (कांशीराम की पुण्यतिथि): यूपी में प्रदेश स्तर पर और अन्य राज्यों में जोन स्तर पर ‘खुली संगोष्ठी’ आयोजित की जाएगी। दिल्ली के लोग रकाबगंज स्थित ‘बहुजन समाज प्रेरणा स्थल’ में श्रद्धांजलि देंगे।

स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि: पश्चिमी यूपी के लोग इस बार लखनऊ स्थित ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ (वीआईपी रोड) आकर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे, क्योंकि यूपी-दिल्ली सीमा वाले केंद्र में सरकारी रखरखाव का काम चल रहा है।

जन्मदिन पर आर्थिक सहयोग: मायावती ने हर साल की तरह अपने जन्मदिन पर पार्टी को आर्थिक सहयोग देने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए, जिस पर कार्यकर्ताओं ने सहमति जताई।

वैश्विक और देश के ज्वलंत मुद्दों पर चिंता

बैठक के दौरान बीएसपी प्रमुख ने दुनिया भर में जारी युद्ध, भारत की सुरक्षा रणनीति, देश में बढ़ती महंगाई और प्राकृतिक आपदाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकारों से जन-जी (Gen-Z) और जेन-अल्फा (Gen-Alpha) की समस्याओं को गंभीरता से लेने की अपील की।

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