The News Camp, लखनऊ: लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (LCTSL) में कार्यरत चालकों, परिचालकों और अन्य कर्मचारियों की लंबे समय से लटकी समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश नगरीय परिवहन कर्मचारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ के प्रदेश संयोजक राजकमल सिंह ने एलसीटीएसएल के प्रबंध निदेशक (MD) को पत्र भेजकर कर्मचारियों के हित में 7 सूत्रीय मांगों पर तत्काल समयबद्ध आदेश जारी करने की मांग की है।
संघ का कहना है कि गत 3 सितंबर को दुबग्गा डिपो में हुई वार्ता के दौरान प्रबंधन और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक उन फैसलों को लागू नहीं किया गया है।
कर्मचारियों की 7 प्रमुख मांगें:
- 10 तारीख तक हो वेतन का भुगतान: उच्च स्तर से निर्देश के बावजूद पिछले दो महीनों से कर्मचारियों का वेतन देरी से आ रहा है। संघ ने हर महीने की अधिकतम 10 तारीख तक भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।
- ‘लोड फैक्टर’ के नाम पर उत्पीड़न बंद हो: बसों में लोड फैक्टर के नाम पर परिचालकों (कंडक्टरों) पर बनाए जा रहे अनावश्यक मानसिक दबाव और उत्पीड़न पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है।
- 10% वार्षिक वृद्धि का एरियर सहित भुगतान: एलसीटीएसएल में पिछले कई सालों से लंबित 10 प्रतिशत की वार्षिक वेतन वृद्धि को तत्काल प्रभाव से एरियर सहित लागू किया जाए।
- आउटसोर्स चालकों-परिचालकों का समायोजन: पात्रता रखने वाले आउटसोर्स परिचालकों को विभाग में स्वीकृत संविदा (Contractual) पदों पर नियमानुसार समायोजित किया जाए।
- निजी के बजाय नई सरकारी बसों की खरीद: राजधानी और आसपास के शहरों में नगरीय परिवहन को मजबूत करने के लिए सरकार नई विभागीय बसें खरीदे। संघ का तर्क है कि प्राइवेट बस ऑपरेटरों के संचालन से सरकारी राजस्व को अधिक नुकसान होता है।
- इंसेंटिव योजना में समानता: उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की तर्ज पर एलसीटीएसएल के पात्र चालकों और परिचालकों को भी समान दर पर उत्कृष्ट/उत्तम परिचालन प्रोत्साहन राशि दी जाए।
- आउटसोर्स निगम बोर्ड के अनुसार वेतन: राज्य सरकार द्वारा गठित आउटसोर्स निगम बोर्ड के मानकों और निर्धारित अहर्ताओं के अनुरूप कर्मचारियों को पदवार वेतन व लाभ दिए जाएं।
संघ के प्रदेश संयोजक राजकमल सिंह ने कहा कि 3 सितंबर की बैठक में सकारात्मक माहौल बना था और सहमति भी बनी थी, लेकिन लिखित आदेश निर्गत न होने से कर्मचारियों में हताशा और असंतोष बढ़ रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समयबद्ध तरीके से इन मांगों का निस्तारण नहीं किया गया, तो कर्मचारियों का भरोसा डगमगाएगा। पत्र की प्रतियां मंडलायुक्त, निदेशक नगरीय परिवहन और मुख्य वित्त अधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई हैं।