Home Politicsवंदे मातरम् कानून पर मायावती ने ये क्या कह दिया? अब तो मच जाएगा…

वंदे मातरम् कानून पर मायावती ने ये क्या कह दिया? अब तो मच जाएगा…

वंदे मातरम गायन विवाद पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने जताई चिंता: 'जनहित के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान दे सरकार'

by News Camp

The News Camp, लखनऊ (21 August 2026): देश में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के पूरे छह छंद (पैरा) गाने या शुरुआती दो छंद गाने को लेकर छिड़ी नई राजनीतिक बहस के बीच बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का बड़ा बयान सामने आया है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए राष्ट्रीय गीत को लेकर की जा रही राजनीति को अनुचित ठहराया है।

उन्होंने केंद्र व राज्य सरकारों तथा सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे प्रतीकात्मक और भावनात्मक विवादों से ऊपर उठकर देश के अति-महत्वपूर्ण जनहित से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें। मायावती ने अपने पोस्ट में लिखा कि देश में ‘वंदे मातरम’ के पूरा गायन या दो छंद गाने अथवा न गाने को लेकर जो राजनीति चल रही है, वह ठीक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में उनकी पार्टी का मानना है कि संसद द्वारा हाल ही में ‘वंदे मातरम’ को लेकर पारित किया गया कानून कोई पहली घटना नहीं है। केंद्र और राज्य स्तर पर सत्ता परिवर्तन के दौरान सभी दल अपने राजनीतिक स्वार्थ या अपनी कमियों व नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए पूर्व निर्मित कानूनों को बदलते रहते हैं।

क्या है हालिया ‘वंदे मातरम’ विवाद?

देश में ‘वंदे मातरम’ को लेकर राजनीति तब गरमाई जब केंद्र सरकार ने संसद में नया कानून पारित कर राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रगान के समान दर्जा और कानूनी संरक्षण प्रदान किया। इसके बाद स्वतंत्रता दिवस और अन्य आयोजनों में इसके पूरे छह छंद बजाने का निर्देश दिया गया। इसके जवाब में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) ने अपने 1937 के ऐतिहासिक प्रस्ताव का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया कि पार्टी के कार्यक्रमों में केवल पहले दो छंद ही गाए जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी ने इसे ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ करार दिया, जबकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष युवाओं से जुड़े असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह विवाद खड़ा कर रहा है।

बेरोजगारी और बाढ़ जैसे वास्तविक मुद्दों पर केंद्रित हो ध्यान

विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने कहा कि इस समय देश में जनहित से जुड़े अति-गंभीर मुद्दे मौजूद हैं, जिन पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं, ‘जेन-जी’ (Gen-Z) व ‘जी-अल्फा’ (Gen-Alpha) के छात्र-छात्राओं की शिक्षा व भविष्य, तथा देश के कई राज्यों में आई भीषण बाढ़ से हो रहे जन-धन के नुकसान का विशेष उल्लेख किया।बसपा प्रमुख ने कहा कि केंद्र व सभी राज्य सरकारों और राजनीतिक दलों को वर्तमान में इन बुनियादी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए पूरी गंभीरता से काम करना चाहिए, क्योंकि यही समय की सबसे बड़ी और सही मांग है।

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