उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की मलिहाबाद विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की विधायक जय देवी कौशल ने मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान कथित जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
- मंदिर जीर्णोद्धार समारोह: लखनऊ के काकोरी स्थित ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर के कायाकल्प और जीर्णोद्धार के लिए विधायक जय देवी ने पर्यटन विभाग से बजट स्वीकृत कराया था। इसके बाद आयोजित भूमिपूजन/शिलान्यास कार्यक्रम में उन्हें भी आमंत्रित किया गया था।
- पूजा और आरती से रोकने का आरोप:विधायक जय देवी का कहना है कि जब वे कार्यक्रम में पहुंचीं, तो उन्हें पूजा-अर्चना करने और आरती में शामिल होने से रोक दिया गया।उन्हें ना तो अगरबत्ती जलाने दी गई और ना ही नारियल फोड़ने की अनुमति मिली।
- जातिगत भेदभाव का मुद्दा: जय देवी कौशल ने कहा कि वे पासी समाज (दलित समुदाय) से आती हैं और इसी वजह से उनके साथ ऐसा अपमानजनक व्यवहार और भेदभाव किया गया।उन्होंने बताया कि पूजा के दौरान उन्हें किनारे खड़ा रखा गया।
बेटे विकास किशोर की तीखी प्रतिक्रिया
पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर और विधायक जय देवी के बेटे विकास किशोर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर घटना पर रोष जताया। उन्होंने सवाल उठाया कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी एक जनप्रतिनिधि के साथ जाति के आधार पर ऐसा रवैया अपनाया जाना बेहद चिंताजनक है।
मंदिर प्रशासन की सफाई
दूसरी ओर, मंदिर प्रबंधन और पुजारियों ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि मंदिर के कपाट सभी जातियों और वर्गों के लिए खुले हैं तथा किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है। विधायक जय देवी ने इस मामले की शिकायत पार्टी आलाकमान से करने की बात कही है। मामला सामने आने के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
पति कौशल किशोर का है राजनीतिक रसूख
जया देवी कौशल के पति पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कौशल किशोर हैं। कौशल किशोर ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के साथ की थी। वर्ष 2002 में वे मलिहाबाद से विधायक चुने गए और 2003-2004 के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे। वर्ष 2014 और 2019 के आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर उत्तर प्रदेश की मोहनलालगंज (आरक्षित) सीट से दो बार लोकसभा सांसद चुने गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में 7 जुलाई 2021 से मई 2024 तक केंद्र सरकार में आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री (Union Minister of State for Housing and Urban Affairs) के पद पर रहे।
अपने युवा बेटे को नशे की लत के कारण खोने के बाद इन्होंने नशा मुक्त समाज आंदोलन-अभियान शुरू किया। वे देशभर में युवाओं को नशा छोड़ने के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाते हैं।