The News Camp लखनऊ 25 August 2026: देश में जहां एक तरफ आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने और समीक्षा की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी तरफ वंचित वर्गों के अधिकारों को लेकर आरक्षण समर्थक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। पदोन्नति में आरक्षण (Reservation in Promotion) के संवैधानिक अधिकार को बहाल करने और तेजी से बढ़ रहे निजी क्षेत्र (Private Sector) में भी दलित, आदिवासी व पिछड़े वर्गों (SC/ST/OBC) के लिए कानूनी आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन आकार लेने लगा है। ‘आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति’ ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए बड़े प्रदेशव्यापी अभियान का ऐलान किया है।
117वां संविधान संशोधन विधेयक 14 वर्षों से लंबित क्यों?
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के प्रमुख संयोजक अवधेश कुमार वर्मा, संयोजक राम शब्द जैसवारा और पी.एम. प्रभाकर ने केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं। समिति के नेताओं का कहना है कि:
संसद में अटका विधेयक: वर्ष 2012 में [राज्यसभा से पारित 117वां संविधान संशोधन विधेयक](https://prsindia.org/billtrack/the-constitution-117th-amendment-bill-2012) आज तक लोकसभा से पारित नहीं हो सका है।
सरकारी उपेक्षा: वर्ष 2012 के बाद 15वीं लोकसभा के भंग होने से यह विधेयक व्यपगत (Lapsed) हो गया था, लेकिन उसके बाद से सत्ता में आई सरकारों ने इसे दोबारा संसद में पास कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
उत्तर प्रदेश में बड़ा नुकसान:
उत्तर प्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण खत्म होने के कारण लाखों दलित व वंचित कर्मचारियों को पदावनत (रिवर्ट) होना पड़ा। सपा शासनकाल में हुए इस फैसले के बाद वर्तमान भाजपा सरकार से भी आरक्षण समर्थकों को केवल आश्वासन ही मिला है।
निजी क्षेत्र (Private Sector) में भी आरक्षण की मांग
सरकारी नौकरियों के लगातार सीमित होने और कॉर्पोरेट व निजी क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए संघर्ष समिति ने सामाजिक न्याय के दायरे को बढ़ाने की मांग की है।समिति का तर्क है कि देश में रोजगार के प्रमुख अवसर अब प्राइवेट सेक्टर में पैदा हो रहे हैं। यदि निजी क्षेत्र में दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों को कानूनी रूप से आरक्षण नहीं दिया गया, तो सामाजिक न्याय की अवधारणा अधूरी रह जाएगी। इसलिए अब केवल सरकारी सेवा ही नहीं, बल्कि प्राइवेट सेक्टर में भी कोटा तय करने के लिए सख्त कानून बनाया जाना चाहिए।
8 लाख कर्मचारियों के बीच चलेगा प्रदेशव्यापी अभियान
अवधेश कुमार वर्मा ने ऐलान किया है कि वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा और पदोन्नति में आरक्षण को प्रभावी रूप से बहाल कराने के लिए उत्तर प्रदेश के 8 लाख से अधिक आरक्षण समर्थक कर्मचारियों को एकजुट किया जाएगा। जल्द ही इस रणनीति के तहत पूरे प्रदेश में बड़ा जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने साफ कर दिया है कि अब केवल चुनावी वादों और आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि संसद से 117वें संविधान संशोधन को पारित कराकर ठोस कानूनी कार्रवाई और जमीनी अमल सुनिश्चित करना होगा।