The News Camp (19 August 2026): बिहार की राजधानी पटना में 19 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का ‘राजभवन मार्च’ राजनीतिक घमासान और भारी हंगामे का गवाह बना। बिहार में लगातार हो रही परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं, नौकरियों के अभाव और सीवान में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के प्रयोग के विरोध में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अगुवाई में इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था।
मार्च की शुरुआत और इनकम टैक्स चौराहे पर हंगामा
राजभवन मार्च का आगाज पटना के गांधी मैदान के पास जेपी गोलंबर से हुआ। इसमें तेजस्वी यादव के साथ RJD सांसद मीसा भारती, मनोज झा और कई विधायक एवं कार्यकर्ता शामिल थे। जैसे ही प्रदर्शनकारियों का जत्था राजभवन की ओर बढ़ने लगा, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम के तहत इनकम टैक्स चौराहे पर भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। RJD कार्यकर्ताओं ने जब राजभवन की तरफ बढ़ने के लिए बैरिकेड्स तोड़ने और ऊपर चढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस के साथ तीखी झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन (पानी की बौछारें) का इस्तेमाल किया।
हिरासत और सचिवालय थाने से रिहाई
हंगामे के बीच पुलिस ने तेजस्वी यादव, मीसा भारती और कई प्रमुख समर्थकों व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें पुलिस बस में बैठाकर सचिवालय थाने ले जाया गया। इस दौरान कई कार्यकर्ता पुलिस की गाड़ी की छत पर चढ़कर नारेबाजी करते देखे गए। तेजस्वी यादव ने हिरासत के दौरान कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और वे इस तानाशाही के खिलाफ जेल जाने से भी नहीं डरते। थाने में कुछ समय तक प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बाद तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं को रिहा कर दिया गया।
विवाद का मुख्य कारण
परीक्षा पेपर लीक और व्यवस्था का पतन: RJD का आरोप है कि बिहार में मैट्रिक, इंटरमीडिएट से लेकर प्रतियोगी व बहाली परीक्षाओं तक के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटका है।
सीवान में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई: सीवान में नीट व अन्य पेपर लीक के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 रायफल लहराने और फायरिंग की घटना का वीडियो सामने आया था। RJD नेताओं ने प्रतिकात्मक रूप से खिलौना AK-47 लेकर इस घटना का विरोध जताया और वरिष्ठ अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।