The News Camp (19 August 2026):
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और उनके नियंत्रण के नाम पर हुए कथित भ्रष्टाचार की ओर प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान एक व्यक्ति कुत्ते का वेश धारण कर हाथ जोड़े अधिकारियों के सामने शिकायत लेकर पहुंच गया।
इस अनूठे प्रदर्शन की अगुवाई खंडवा नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर ने की। जनसुनवाई में शुरुआत में सुरक्षाकर्मियों ने कुत्ते का मास्क पहने व्यक्ति को रोकने का प्रयास किया, लेकिन बाद में अधिकारियों की अनुमति मिलने के बाद उन्हें अंदर जाने दिया गया।नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर और कुत्ता बने व्यक्ति ने अपर कलेक्टर काशीराम बडोले को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा पिछले चार वर्षों में आवारा कुत्तों के बधियाकरण (नसबंदी) के नाम पर लगभग 40 लाख रुपये का बजट खर्च दिखाया गया है। लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और यह पूरी राशि कागजों पर ही ठिकाने लगा दी गई।
प्रदर्शनकारियों ने तंज कसते हुए अधिकारियों से कहा कि ‘इस कुत्ते की भी नगर निगम ने नसबंदी कर दी थी, फिर भी यह छह पिल्लों का बाप बन गया’। इस व्यंग्यात्मक दांव ने सभागार में मौजूद लोगों को हैरान कर दिया।दीपक राठौर ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि शहर में आवारा कुत्तों का आतंक इतना बढ़ चुका है कि बीते चार वर्षों में 13,225 से अधिक लोग डॉग बाइट (कुत्ते के काटने) के शिकार हो चुके हैं। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सड़कों पर निकलने से डर रहे हैं। यदि लाखों रुपये खर्च कर नसबंदी की गई थी, तो आवारा कुत्तों की आबादी घटने के बजाय बढ़ कैसे रही है?
अपर कलेक्टर काशीराम बडोले ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत स्वीकार की और बताया कि श्वान बधियाकरण कार्यक्रम में अनियमतताओं की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा। जांच में यदि बिलों के भुगतान या टेंडर प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा पाया जाता है, तो दोषी अधिकारियों और ठेकेदार फर्म के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।