Home Politicsजाट वोटबैंक पर मायावती की नजर, मोदी के इस मंत्री के पक्ष में उतरीं, अखिलेश को धो डाला

जाट वोटबैंक पर मायावती की नजर, मोदी के इस मंत्री के पक्ष में उतरीं, अखिलेश को धो डाला

मायावती का अखिलेश यादव पर तीखा हमला: बोलीं- 'सपा का चरित्र अलोकतांत्रिक, अखिलेश जाट समाज से तुरंत माफी मांगें

by News Camp

The News Camp लखनऊ 22 August 2026: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव पर करारा राजनीतिक हमला बोला है। सपा प्रमुख द्वारा अपने पूर्व सहयोगी दल (राष्ट्रीय लोकदल) और उनके नेता के खिलाफ दिए गए बयान को ‘अमर्यादित और अशोभनीय’ बताते हुए मायावती ने कहा कि अखिलेश यादव को न सिर्फ उस पार्टी और उसके नेता से, बल्कि चौधरी चरण सिंह जी के परिवार और पूरे जाट समाज से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

सपा के ‘अहंकार’ पर मायावती का प्रहार

मायावती ने सपा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की राजनीति में सपा का चरित्र हमेशा राजनीतिक संकीर्णता और जातिवादी द्वेष से ग्रसित रहा है। उन्होंने कहा कि सपा की इसी संकीर्ण राजनीति का चुनावी फायदा अक्सर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिलता रहा है और सेक्युलर ताकतें कमजोर होती रही हैं।

पुराने वाकयों का किया जिक्र

बसपा प्रमुख ने 1993 के सपा-बसपा गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि सपा के इसी अहंकारी स्वभाव की वजह से गठबंधन जल्द ही टूट गया था। उन्होंने 2 जून 1995 के चर्चित ‘लखनऊ गेस्ट हाउस कांड’ की याद दिलाते हुए कहा कि यह उनकी हत्या की साजिश के तहत किया गया था। मायावती ने आगे कहा कि लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव द्वारा पुरानी गलतियां न दोहराने का भरोसा देने पर दोबारा गठबंधन हुआ था, लेकिन चुनाव परिणाम मनमुताबिक न आने पर सपा ने बसपा के प्रति फिर से वही अहंकारी और स्वार्थी रवैया अपनाया।

गठबंधन में काम निकलते ही रंग बदलती है सपा

सपा की नीति पर तंज कसते हुए मायावती ने कहा कि यह पार्टी गठबंधन के मामले में केवल अपना काम निकालना जानती है और मतलब हल होते ही गिरगिट की तरह रंग बदल लेती है। उन्होंने लोगों को चेताया कि सपा की इस तरह की अवसरवादी राजनीति से सभी वर्गों को सावधान रहने की जरूरत है।

पीडीए (PDA) के दावों को बताया छलावा

अखिलेश यादव के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा कि सपा मुखिया अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए ‘P’ का मतलब कभी पिछड़ा तो कभी पंडित बता देते हैं। सच्चाई यह है कि सपा अपनी खुद की जाति को छोड़कर बाकी पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और ब्राह्मण समाज की कभी हितैषी नहीं रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में दलितों, पिछड़ों और अपरकास्ट समाज का उत्पीड़न हुआ और केवल अराजक व माफिया तत्वों का ही भला हुआ।

आगामी चुनाव के लिए सर्वसमाज को दी सलाह

मायावती ने दावा किया कि सपा की सरकारों में कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब थी कि शाम ढलने के बाद बेटियां घर से बाहर निकलने में डरती थीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश की जनता से अपील की कि सर्वसमाज के हित में आगामी विधानसभा चुनाव में सपा को किसी भी कीमत पर सत्ता में न आने दें।

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