The News Camp, लखनऊ 22 August 2026: यूपी में कैब या ऑटो बुक करने के बाद ड्राइवर का बिना वजह राइड कैंसिल करना अब भारी पड़ेगा। योगी सरकार ने ऐप आधारित कैब, ऑटो, डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स सेवाओं के लिए ‘उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली 2026’ लागू कर दी है। इसके साथ ही upmyfleet.com पोर्टल की शुरुआत की गई है, जिससे उबर, ओला और रैपिडो जैसी एग्रीगेटर कंपनियों पर नकेल कसेगी।
सवारी के लिए राहत: पिकअप कैंसिल करने पर 100 रुपये जुर्माना
अक्सर देखा जाता है कि बुकिंग के बाद ड्राइवर बिना वजह पिकअप करने से मना कर देते हैं या राइड कैंसिल कर देते हैं। नई नीति के तहत अगर ड्राइवर ने बिना किसी जायज कारण के पिकअप कैंसिल किया, तो एग्रीगेटर कंपनी पर 100 रुपये का अर्थदंड लगेगा। इस जुर्माने का फायदा अगली ट्रिप में यात्री को मिलेगा।
सरचार्ज पर लगाम, हर यात्री का होगा बीमा
- किराए की सीमा: पीक ऑवर्स के दौरान ‘डायनेमिक प्राइसिंग’ या सरचार्ज के नाम पर मनमाना किराया वसूलने पर रोक लगा दी गई है। कंपनियां बेस फेयर से अधिकतम 50% से ज्यादा किराया नहीं बढ़ा सकेंगी।
- यात्री सुरक्षा: अब हर राइडर/यात्री का अनिवार्य बीमा कराया जाएगा।
- शिकायत निवारण: हर कंपनी को एक ‘ग्रिवांस रिड्रेसल ऑफिसर’ नियुक्त करना होगा जो यात्रियों की शिकायतों का तुरंत समाधान करेगा।
ड्राइवरों का वेरिफिकेशन और 15 लाख तक की सामाजिक सुरक्षा
- बीमा कवर: ऐप आधारित सेवाओं में लगे चालकों को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस (जीवन बीमा) दिया जाएगा।
- सुरक्षा जांच: ड्राइवरों की ऑनबोर्डिंग से पहले पुलिस वेरिफिकेशन, चरित्र सत्यापन और साइकोलॉजिकल टेस्ट (मनोवैज्ञानिक परीक्षण) अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही समय-समय पर रिफ्रेशर ट्रेनिंग भी मिलेगी।
कंपनियों के लिए नियम सख्त: 50 लाख तक सिक्योरिटी डिपॉजिट
सरकार ने कंपनियों की मनमानी रोकने और जवाबदेही तय करने के लिए सख्त मानक तय किए हैं:
- लाइसेंस शुल्क: आवेदन शुल्क 25,000 रुपये और लाइसेंस फीस 5 लाख रुपये तय की गई है।
- सुरक्षा जमा राशि: फ्लीट के आकार के हिसाब से 10 लाख से 50 लाख रुपये तक की सिक्योरिटी डिपॉजिट रखनी होगी।
- प्रदूषण और EV ट्रांजिशन: एनसीआर क्षेत्र में वाहनों के प्रदूषण पर पोर्टल के माध्यम से नजर रखी जाएगी और फ्लीट में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ावा देना अनिवार्य होगा।
फिलहाल पोर्टल पर 3.15 लाख से अधिक वाहन ऑनबोर्ड हो चुके हैं। सरकार के इस कदम से यात्रियों को सुरक्षित और किफायती सफर मिलेगा, वहीं चालकों को सामाजिक सुरक्षा का दायरा हासिल होगा।